Latest Love Barish Shayari (मोहब्बत बारिश शायरी )

न तुम कभी भूलना हमें,
न हम कभी, तुम्हें भुला पाएंगे !
बहुत अच्छा लगेगा
ज़िन्दगी का ये सफ़र,
वहां से तुम याद करना
और यहाँ से हम मुस्कुराएंगे.!!   
नज़रें मिली तो लगा जैसे सपना
पास दिखी तो लगा कोई अपना
दिल को आपसे बस यही है कहना
की आपका प्यार तो है दिल का गहना 
मैं वो दरबारी संगीत नहीं,जो महफ़िल में गाये जाते हैं….
मैं इश्क सूफियाना हूँ, जो रुह से रुह तक पहुँचता हैं……  
मेरी बंदिशे लाख सही, तेरी हजार मजबूरियां सही..
मेरी कोशिशें सेकड़ो सही, तेरी भी दो चार सही..
मेरा इन्तजार बे-अंत सही, तेरा कुछ लम्हों का सही..
ये मोहब्बत है सनम, तू भी सही मैं भी सही.!! 
*तेरा अंदाज़-ए-शायरी* *भी क्या कमाल है;*

*पढूँ तो दिल धड़के*, *ना पढूँ तो बेचैन रहूँ*  

गलतफहमियों के सिलसिले इतने दिलचस्प हैं,
हर ईंट सोचती है, दीवार मुझ पर टिकी है । 
आजकल बहुत नाराज़ रहते हो हमसे,
कही हमारे मनाने के तरीके से…
मोहब्बत तो नहीं कर बेठे हो.!!? 
दूरियों की ना परवाह कीजिये,
दिल जब भी पुकारे बुला लीजिये,
कहीं दूर नहीं हैं हम आपसे,
बस अपनी पलकों को आँखों से मिला लीजिये। 
तेरी मोहब्बत में एक अजब सा नशा है,
तभी तो सारी दुनिया हमसे ख़फ़ा है
ना करो तुम हमसे इतनी मोहब्बत
कि दिल ही हमसे पूछे बता तेरी धड़कन कहाँ है !!! 
इश्क़ सभी को जीना सिखा देता है,
वफ़ा के नाम पर मरना सिखा देता है,
इश्क़ नहीं किया तो करके देखो,
ज़ालिम हर दर्द सहना सिखा देता है !!! 
1. हम भी मुस्कुराते थे कभी बेपरवाह अंदाज से;
देखा है खुद को आज पुरानी तस्वीरों में!

2. खुद पुकारेगी मंज़िल तो ठहर जाऊँगा;
वरना मुसाफिर खुद्दार हूँ, यूँ ही गुज़र जाऊँगा! 

सिर्फ इतना ही कहा है कि प्यार है तुमसे,
जज़्बातों की कोई नुमाईश नहीं की,
प्यार के बदले सिर्फ प्यार माँगा है,
इससे ज्यादा तो कभी कोई गुज़ारिश नहीं की !!! 
 कभी हम से भी 2 पल की मुलाक़ात कर लिया करो
क्या पता आज हम तरस रहे हैं कल तुम ढूँढ ते रहे जाओ…
ख्वाब मंजिल के, मत दिखा मुझको…..

तू कहाँ तक साथ आएगी, ये बता मुझको..!! 

 हां हो गई गलती मुझसे मैं जानता हूं
मैं अब भी तुझे अपनी जान मानता हूं
आखिरी मौका दे मुझको मैं अब भी तुझे अपनी शान मानता हूं
हमारी आखो को यु ना शताइये हुजुर
हमने नजरे जुकाली तो कयामत आ जायेगी
और मीलाली तो महोबत हो जायेगी 
 बिछड़ कर फिर मिलेंगे,,, यकीन कितना था…
बेशक ख्वाब ही था,,, मगर हसीन कितना था …
इरादा कत्ल का था, तो सर कलम कर देते तलवार से,

क्यों इश्क़ में ढाल के तुमने हर सांस पे मौत लिख दी… 

ये मोहब्बत की राहें हैं जनाब यहाँ किसी की नहीं चलती
कहीं दिल नही मिलते तो कहीं लकीरें नही मिलतीं  
 मैं चिरागों की भला कैसे हिफाज़त करता ?
वक़्त सूरज को भी हर रोज़ बुझा देता है…!!!
कब तक वो मेरी होने से इंकार करेगी,
खुद टूट कर वो एक दिन मुझसे प्यार करेगी,
इश्क़ की आग में उसको इतना जला देंगे,
कि इज़हार वो मुझसे सर-ए-बाजार करेगी।।  
“हादसे इंसान के संग मसखरी करने लगे
लफ्ज कागज पर उतर जादूगरी करने लगे;
कामयाबी जिसने पाई उनके घर बस गए
जिनके दिल टूटे वो आशिक शायरी करने लगे। 
#दुशमन‬ भी हमारी ‪#हालत‬ देखकर ‪‎हँस‬ उठे कहने लगे…
जिसका हम कुछ न कर सके…उसका ‪मोहबत‬ ने कया ‪‎हाल‬ कर दिया 
बेनाम सा यह दर्द ठहर क्यों नही जाता;
जो बीत गया है वो गुज़र क्यों नही जाता;
वो एक ही चेहरा तो नही सारे जहाँ मैं;
जो दूर है वो दिल से उतर क्यों नही जाता।  
तुम मुझे मौका तो दो ऐतबार बनाने का;
थक जाओगे मेरी वफाओं के साथ चलते चलते!!! 
 मोहब्बत से रिहा होना ज़रूरी हो गया है,
मेरा तुझसे जुदा होना ज़रूरी हो गया है,

वफ़ा के तजुर्बे करते हुए तो उम्र गुजरी,
ज़रा सा बेवफा होना ज़रूरी हो गया है.”

हमारे बाद अब महफ़िल में, अफ़साने बयां होंगे,
बहारे हमको ढूँढेंगी, ना जाने हम कहाँ होंगे.!!?
ना हम होंगे ना तुम होंगे, और ना ये दिल होगा फिर भी…
हज़ारो मंज़िले होंगी, हज़ारो कारवाँ होंगे.!! 
” यूँ ख्वाब बनकर ,
नींदों में ना आया करो….,
.
समझदार बनो,
खुद आ जाया करो…!!! 

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