Latest Love Barish Shayari (मोहब्बत बारिश शायरी )

A huge collection of barish shayri 2 linebarsaat shayari in hindi, romantic barish shayari for girlfriendbarish shayari facebook, barish shayari ghalibbarish shayari in urdubarish shayari in hindi 140funny barish shayari. I hope you will enjoy thi collection.

Barish Shayari Collection, New Shayari 2017, Hindi Shayari

*इन “बारिशों” से “अदब-ए-मोहब्बत” सीखो हुज़ूर…!!

*अगर ये……”रूठ” भी जाए तो “बरसती” बहुत है…!!* 

सुना है बहुत बारिश हो रही है तुम्हारे शहर में
ज्यादा भीगना मत
अगर धूल गयी सारी गलतफहमियां तो बहुत याद आएंगे हम। 
 बरसात की भीगी रातों में फिर कोई सुहानी याद आई
कुछ अपना ज़माना याद आया कुछ उनकी जवानी याद आई….!!
बारिश में रख दो इस जिंदगी के पन्नों को ताकि धुल जाए स्याही….
ज़िन्दगी फिर से लिखने का मन करता है कभी- कभी… 
“कल हलकी सी बरसात में हो गयी मुलाकात उनसे,
नज़रों की शबनम ने जैसे कर ली हो हर बात …उनसे,
उनकी आँखों में थी ऐसी कशिश के क्या कहें,
मेरे जिस्म के रोम रोम ने कर ली मोहब्बत उनसे”  
Barish aur mohabbat dono
hi bohat yaadgar hote hain,
Farq sirf itna hai,
Barish main jism bheeg jata hai
aur mohabbat main ankhain..  
इन बारिशों से दोस्ती अच्छी नही ,
कच्चा तेरा मकान है, कुछ तो ख्याल कर.. 
बरसात तो हुई मगर सावन नहीं आया
अबके बरस भी लौटके साजन नहीं आया
मेरी आंखों में छुपा है तेरा ही उजाला
दिल में रहा चांद, मेरे आंगन नहीं आया
तुमसे जो मुहब्बत की तो दुनिया भी छोड़ दी
और तू भी कभी थामने दामन नहीं आया
मेरी मौत भी बेबस है आके तेरे दर पे
ये जान कह रही है कि जानम नहीं आया 
आग ये कितनी दूर जली है हमपे ये लौ बरस रही है
दूर निगाहों से होकर भी वो आंसू मुझे परोस रही है
हिलता नहीं है एक भी पत्ता कोई आंधी तरस रही है
सावन आया हर रातों में दुख की घटा गरज रही है 
Kisne bheege hue baalon se ye jhatkaa pani,
Jhoom ke aayi ghata toot ke barasa pani.
Koi matawali ghata peeke jawani ki umang,
Dil baha le gaya barsat ka pehala pani… 
बारिश का मौसम बहुत तडपता है;
उनकी याद हैं जिन्हें दिल चाहता है;
लेकिन वो आए भी तो कैसे;
ना उनके पास रैन कोट है और ना छाता है। 
Jab Bhi Girti Hai Ye Boonde Patto Per,
Mere Dil Ko Tera Ahsas Hota Hai,
Dil Me Tufan Sa Mach Jata Hai,
Jab Tu Door Ho Or Barsat Hoti Hai…  
Is barish se keh do mere aangan mein na berse,
Is ki shiddat dekh kar koi bohat yaad aata hai . . .  
Kya rog de gayi hai nye mousam ki barish,
Mujhe yaad aa rahe hain mujhe bhul jane wale. 
भीग रहा हे जला दिल मेरा इस बारिशमें फिर भी राहत नही है
प्यासा रह गया मैं फिर भी इसमे पिघली हुइ तेरी चाहत नही है  
Agr Bhigne Ka Itna Hi Shaukh Hai Barish Mey,
To Deko Meri Aankho Mey,
Baarish To Har Ek Ke Liye Barasti Hai,
Lekin Ye Aankhe Sirf Tumhare Liye Barasti Hai…  
कल रात मैं उन बादलों से,
कुछ सवाल कर रहा,,,, की,,

ये तुम ही केवल चल रहे हो,
या चाँद भी साथ चल रहा है.?! 

Leave a Reply