Latest Love Barish Shayari (मोहब्बत बारिश शायरी )

मुस्कुराता रहु मैं तेरी नज़रो से नज़रे मिलाकर
कभी सीने से, तो कभी अपने होंठो से लगाकर
नादान दिल की बेकरारी में बस तेरा हो जाउ
और ज़िन्दगी का हर पल मैं गुजारूं तेरे करीब आकर.. 
मुहब्बत में सच्चा यार न मिला,

दिल से चाहे हमें वो प्यार न मिला।

लूटा दिया उसके लिए सब कुछ मैने,

मुसीबत में मुझे मददग़ार न मिला.।  

इश्क का जिसको ख्वाब आ जाता है,

समझो उसका वक़्त खराब आ जाता है,

महबूब आये या न आये,

पर तारे गिनने का तो हिसाब आ ही जाता है! 

हुकुमत वो ही करता है
जिसका दिलो पर राज हो!!
वरना यूँ तो
गली के मुर्गो के सर पे भी ताज होता है!!  
तेरे लब ज्यों नाजुक कोंपल कोई,
तुम खिलती हुई कली गुलाब सी,
आँखें ज्यों मय से भरे प्याले,
तुम लगती हो सुनहरे ख्वाब सी..!! 
रखा करो नजदीकियां, ज़िन्दगी का कुछ भरोसा नहीं
फिर मत कहना चले भी गए और बताया भी नहीं. . 
तेरे हर दुख को अपना बना लूँ ,
तेरे हर गम को दिल से लगा लूँ ,
मुझे करनी आती नहीं चोरी वरना,
मैं तेरी आँखों से हर आँसू चुरा लूँ ” !!  
Teri aankhe aasu pee jau asi meri takdir kaha.
Tere gam ko apana bena lu bs yehi tammana yeha 
 तूने उस दिन मोहोब्बत और पैसे में
पैसों को चुना था….॥
ये वादा है मेरा तुमसे
एक दिन तुम्हारा पैसो वाला ग़ुरूर भी तोड़ दूँगा…॥
देखना किसीकी आँख तुम्हारी वजह से नम न हो,
क्यूंकि तुम्हें उसके हर एक आँसूं का क़र्ज़ चुकाना होगा !!.  
हम भी करते है पूजा पत्थरो के देवताओं की
ना जाने कब वो बोल बैठे इंतजार रहता है ।
इसी बहाने वक्त अपना कट जाता है…
और तुम्हारे आने का इंतजार रहता है ॥  
कटती है रातें तुम्हारी यादों के सहारे,
कह दो मुझसे , कैसे जियू बिन तुम्हारे,
बन गई हैं चाहत , अब इबादत मेरी,
हम भी अधूरेहै जिंदगी अधूरी बिन तुम्हारे 
*मत पूछ वजह कि क्यों चाहता हूँ तुझे…!!☝  
सिर्फ वक्त ही गुजारना हो तो किसी और को आजमा लेना,
हम तो चाहत और दोस्ती दोनों इबादत की तरह करते है !! 
बिखर गए लफ्ज मेरे,आँखों में सावन उभर आया
अपना ही कोई रूबरू जब आँख फेरता नजर आया  
शायर इक़बाल लिखते है

गलतियों से जुदा तु भी नही मैं भी नहीं,
दोनों इंसान हैं, ख़ुदा तु भी नहीं मै भी नहीं।
“तू मुझे और मैं तूझे इल्ज़ाम देते है” मगर अपने अंदर झांकता तु भी नहीं मैं भी नहीं।
गलतफहमियों ने करदी पैदा दूरियां, वरना फितरत का बुरा तु भी नहीं मैं भी नहीं । 

कभी सामने आईने के गलती से भी आ जाओ
खुदा कसम आईना भी चिटक जाए
इन आँखों की खूबसूरती को ऐ हुस्न-ऐ-मल्लिका
जरा परदों में रखा कीजिये । 

Leave a Reply