Latest Love Barish Shayari (मोहब्बत बारिश शायरी )

Kash Meri Zindegi Mein Aaye Ek Aisi Barsaat,
Mere Hath Mein Ho Tera Hath,
Bheegte Rahein Hum Saari Raat,
Honth Rahe Khamosh,
Bas Aankhon Se Ho Teri Meri Baat, 
Kaash Meri Zindagi Mein Aaye Ek Aisi Barsaat,
Mere Hath Mein Ho Uska Hath,
bheegte Rahein Hum Saari Raat,
Honth Rahe Khamosh,
Bas Aankhon Se Ho Uski Aur Meri Baatein…  
जी में आता है
दिल में भरे दर्द की
बस एक” चिलम” सुलगाऊं
एक तेज” कश भर कर”
गोल छल्लों. में उडाऊं
रीते मन की व्यथा
धुएं में खो जाए
आँखों में उतरे सावन से
एक घटा बरस जाए
और सुलगे हुए लम्हों को
कहीं ठंडक मिल पाए 
Dedaar e Yaar Ka Koi to Bahana Dhoondo Yaro…
.
Yeh Suhana MoSam to Meri Jaan Lay Raha Hai.! 
मौसम भी है और मौका भी है।
सावन के मौसम का झोका भी है।।
ऐसे में ना ले दिल अंगड़ाई तो देख
ये तेरी मदहोश आँखों का धोखा है। 
Pyar Aur Barish Dono Ek Jaise Hote Hai,
Wo Humesha Yadgar Hote Hai,
Fark Sirf Itana Hai Ki,
Barish Sath Rah Kar Tan Bhi gati Hai,
Aur Pyar Door Rahkar Aankhe Bhigati Hai.  
तैरना तो आता था हमे मोहब्बत के समंदर मे लेकिन,
जब उसने हाथ ही नही पकड़ा तो डूब जाना अच्छा लगा||  
मौसम की पहली बारिश का शोख तुम्हें होगा.
हम तो रोज किसी की यादो मे भीगें रहते है..!  
Aaj Mausam Kitna KhushNumA Hogya…!!
katam Sabhi Ka Intezar Hogya…!!
Barish Ki BunDe Giri KuCh Iss TaraH Se…!!
Jese AasAm ko Zameen Se pyar HoGya…! 
 प्यास वो दिल की बुझाने कभी आया भी नहीं
कैसा बादल है जिसका कोई साया भी नहीं

बेरुखी इस से बड़ी और भला क्या होगी
एक मुद्दत से हमें उस ने सताया भी नहीं

रोज़ आता है दर-ए-दिल पे वो दस्तक देने
आज तक हमने जिसे पास बुलाया भी नहीं

सुन लिया कैसे ख़ुदा जाने ज़माने भर ने
वो फ़साना जो कभी हमने सुनाया भी नहीं

ना तुम होश में हों ना हम होश में हैं ,बहेक जाएँ ना, तुम संभालो हमें

धुआँ सा उटें हें कहीं जिस्म से कहो बादलों से बरसतें रहें, 

कहीं फिसल ना जाओ ज़रा संभल के रहना, दोस्तों…..

मौसम बारिश का भी है, और मोहब्बत का भी…!! 

 Rain-Monsoon-Barish Whatsapp Shayari Hindi

(1) Mujhe maar hi na dale in badlon ki sazish,
Ye jb se baras rahe hain tum yaad aa rhe ho.

(2) Ye husn-e mosam, ye barish, ye hawayein,
Lgta hai mohabbat ne aaj kisi ka sath diya hai

प्यार के नाम पर करते हैं फरेब, कुछ लोग
मोहब्बते मिट जाती हैं, नफरते रह जाती हैं

बिछड़ के भी नहीं जाती महक प्यार की कभी
कसक दिल में, बिस्तर में सलवटे रह जाती हैं 

है नादान वो कुछ समझते नहीं
दिन है या रात, का फर्क जानते नहीं
अगर जाऊ पास भी तो डर जाते है
दर्द नहीं दवा हु मैं ये समझते नहीं.  
किसी की महोब्बत से हमने क्या पाया है,
रात की नींद और दिन का चैन गंवाया है,
क्या करें हम इस दिल का,
जिसे आज बरबाद हो कर भी होश नहीं आया है !  
चलो बाँट लेते है सब आधा आधा …

खुशियाँ तुम ले लो गम मैं रख लेता हूँ …
हंसी तुम ले लो आंसूं मैं पी लेता हूँ …
नींद तुम ले लो ख्वाब मैं सजा लेता हूँ ..
साँसें तुम ले लो जिस्म मैं रख लेता हूँ ….
गर बाकी कुछ रहा हो तो माफ़ करना ….
बेहिचक तुम आ के वो सब कुछ ले लेना ….
बस एक गुजारिश ….
कभी अलविदा मत कहना. 

Manzilein Bhi Uski Thi Rasta Bhi Uska Tha,

Main Akela Tha Aur Qafila Bhi Uska Tha,

Sath-Sath Chalne Ki Soch Bhi Uski Thi,

Fir Rasta Badal Lene Ka Faisla Bhi Uska Tha,

Aaj kyun akela hoon Dil sawal karta hai,

Log to uske the Kya KHUDA bhi uska tha ?  

मत रहो दूर हमसे इतना के अपने फैसले पर अफसोस हो जाये…
कल को शायद ऐसी मुलाकात हो हमारी…
के आप हमसे लिपटकर रोये और हम ख़ामोश हो जाये..| 
हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर,
तुझ पर ज़रा भी ज़ोर होता मेरा,
ना रोते हम यूँ तेरे लिये..
अगर हमारी ज़िन्दगी में तेरे सिवा कोई ओर होता…  
ख़ुशियाँ क्या होती हमें नहीं पता,
में तो तुम्हें “online” देखकर भी पगलों
की तरह “Smile” करने लगता हु, [/junkie-alert

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