Mohabbat Shayari in Hindi

 हमारा दिल बहुत ज़ख़्मी है लेकिन…!
मुहब्बत सर उठा के जी रही है…!! 
 जिस जिस को मिली खबर सबने एक ही सवाल किया मुझसे,
तुमने क्यों की मुहब्बत तुम तो समझदार थे…!! 
 कोई ठुकरा दे तो हँसकर जी लेना,
क्यूँकि मोहब्बत की दुनिया में ज़बरदस्ती नहीं होती… 
 मुहब्बत का ये क ख ग हमे ही क्योँ नही आता,
यहा जिससे मिलो वो इश्क के किस्से सुनाता है… 
 फिर कभी नहीं हो सकती मुहब्बत सुना तुमने !!!
वो शख्स भी एक था और मेरा दिल भी एक । 
 ना शौक दीदार का… ना फिक्र जुदाई की,
बड़े खुश नसीब हैँ वो लोग जो…मोहब्बत नहीँ करतेँ… 
 नाकामयाब मोहब्बत ही सच्ची होती है !!
कामयाब होने के बाद मोहब्बत नहीं बचती !! 
 वो बार बार पूछती है कि क्या है मौहब्बत ??
अब क्या बताऊं उसे कि उसका पूछना और मेरा न बता पाना ही मौहब्बत है ! 
 अजीब खेल है ये मोहब्बत का;
किसी को हम न मिले, कोई हमें ना मिला! 
 अपनी जिद को अंजाम पर पहुँचा दू तो क्या…,,,,
तू तो मिल जायेगी पर तेरी मोहब्बत का क्या….???” 
 मोह्हबत तो वो बारिश है जिससे छूने की चाहत में..
हथेलिया तो गीली हो जाती है पर हाथ खाली ही रह जाते है.. 
 एक बार नही हजारबार ये दिल तुटा
पर मोहब्बत करने का शौक अभी तक नही छुटा.! 
 वो खेलती है मुझसे मुझे भी ये पता है ,
पर उसके हाथ का खिलौना होने में भी एक मज़ा है .! 
 तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से;
जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए। 
 उनको आ सकी न निभानी मुहब्बत,
अब पड़ रही है हमको भुलानी मुहब्बत. 
 दोनों जानते हे के, हम नहीं एक-दूसरे के नसीब में,
फिर भी मोहब्बत दिन-ब-दिन बे-पनाह होती जा रही हे !! 
 मत पूछो कितनी मोहब्बत है मुझे उनसे !
बारिश की बूँद भी अगर उन्हें छू ले….
तो दिल में आग लग जाती है ….!! 

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