Cool WhatsApp Status in Hindi

मैँने अपना गम आसमान को क्या सुना दिया… शहर के लोगों ने बारीश का मजा ले लिया. 
मूंगफली में छिलके और छोरी में नखरे ना होते तो जिंदगी कितनी आसान हो जाती. 
में उन ही चीज़ों का शोख़ रखता हु जो मुझे मिलती हे । उन चिंजो का नहीं जिनकी इजाजत मेरे माँ बाप नहीं देते . 
मेरा वक्त बदला है… रूतबा नहीं तेरी किस्मत बदली है… औकात नहीं । 
मेरे मरने के बाद मेरी कहानी लिखना, कैसे बर्बाद हुई मेरी जवानी लिखना. 
मुझे जॉब करने का कोई सोख नहीं है ये तो मम्मी-पापा की जींद है की तेरे लिए छोरी कहा से धुंध के लाएंगे. 
रुलाने मे अक्सर उन्हीँ लोगो का हाथ होता है जो हमेशा कहते है कि तुम हँसते हुए अच्छे लगते हो. 
वो तो खिलोने वाले की मजबूरी है वरना बच्चो को रोते हुए देखना उसे भी अच्छा नही लगता । 
वो काग़ज़ आज भी फूलों की तरह महकता है.. जिस पर उसने मज़ाक़ में लिखा था ..मुझे तुमसे मोहब्बत है. 
शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है, जंगल मे चुनाव नही होते. 
अब मैं कोई भी बहाना नहीं सुनने वाला .. तुम मेरा प्यार…. मुझे प्यार से वापस कर दो. 
अब किसी और से मोहब्बत कर लूं, तो शिकायत मत करना ये बुरी आदत भी मुझे तुमसे ही लगी है…! 
अर्ज़ किया है.. ज़िन्दगी में अगर ग़म न होते.. तो शायरों की गिनती में हम न होते. 
अगर कहो तो आज बता दूँ मुझको तुम कैसी लगती हो। मेरी नहीं मगर जाने क्यों, कुछ कुछ अपनी सी लगती हो। 
अजीब तमाशा है मिट्टी से बने लोगो का, बेवफाई करो तो रोते है और वफा करो तो रुलाते है ॥ 
आज टूटा एक तारा देखा, बिलकुल मेरे जैसा था। चाँद को कोई फर्क नहीं पड़ा, बिलकुल तेरे जैसा था। 
इतना भी गुमान न कर आपनी जीत पर ऐ बेखबर, शहर में तेरे जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं..! 
इतनी कामीयाबि हाँसिल करूंगा की तु जे माफी मांगने के लिये भी लाईन मेँखडा होना पडेगा. 
करेगा जमाना कदर हमारी भी एक दिन देख लेना… बस जरा ये भलाई की बुरी आदत छुट जाने दो. 
क़दर किरदार की होती है वरना कद में तो साया भी इंसान से बड़ होता है 
कांटो से बच बच के चलता रहा उम्र भर… क्या खबर थी की चोट एक फूल से लग जायेगी. 
काश तुम मेरी मौत होते तो, एक दिन जरुर मेरे होते. 
क्या किसी से शिकायत करें जब अपनी तक़दीर ही बेवफा है। 
क्यों गुरूर करते हो अपने ठाठ पर… मुट्ठी भी खाली रहेगी जब पहुंचोगे घाट पर.. 
इस दुनिया मे कोई किसी का हमदर्द नहीं होता … लोग ज़नाजे के साथ भी होते हैं तो सिर्फ अपनी हाजिरी गिनवाने के लिए. 
बताँऊ तुम्हें एक निशानी उदास लोगों की….. कभी गौर करना यें हसंते बहुत हैं 
हर शाम सुहानी नहीं होती, हर चाहत के पीछे कहानी नहीं होती, कुछ तो असर ज़रूर होगा मोहब्बत में, वर्ना गोरी लड़की काले औज़ार की दीवानी नहीं होती। 
तुम आस पास ना आया करो जब मैं शराब पीता हूँ…क्या है कि मुझसे दुगना नशा सभांला नहीं जाता. 
पलट के देख ज़ालिम, तमन्ना हम भी रखते हैं, हुस्न तुम रखती हो, तो जवानी हम भी रखते हैं; गहराई तुम रखती हो तो लंबाई हम भी रखते हैं! 
इश्क की पतंगे उडाना छोड़ दी ….. वरना हर हसीनाओं की छत पर हमारे ही धागे होते. 
मैंने भी बदल दिये ज़िन्दगी के उसूल, अब जो याद करेगा… सिर्फ वो ही याद रहेगा…!! 
मैंने पूछा एक पल में जान कैसे निकलती है, उसने चलते चलते मेरा हाथ छोड़ दिया 
पहले हमें भी मोहबत का नशा था यारो पर जब से दिल टूटा है नशे से मोहबत हो गई है 
Pal pal tarse the ish pal ke liye vo pal bi aya, kuch pal ke liye shocha ishe rok le har pal ke liye par vo ruka hi nhi ek pal ke liye. 
छोटी-छोटी बातें करके बड़े कहाँ हो जाओगे… पतली गलियों से निकलो तो खुली सड़क पर आओगे 
ईरादे सब मेरे साफ होते है, इसीलिए लोग अक्सर मेरे खिलाफ होते हेँ ! 
मैँ कभी बुरा नही था उसने मुझे बुरा कह दिया…फिर मैँ बुरा बन गया ताकि उन्हे कोई झुठा ना कह दे… 
नींद तो आने को थी मगर दिल पिछले किस्से ले बैठा…. अब खुद को बेवक्त सुलाने मे कुछ तो वक्त लगेगा.. 
कौन देता है उम्र भर का सहारा, लोग तो जनाज़े में भी कंधे बदलते रहते हैं! 
उस घडी मेरा इश्क हदें भूल जाता था, जब लडते लडते वो कहती थी लेकिन प्यार मैं ज्यादा करती हू तुमसे.. 
चल कोई बात नही जो तु मेरे साथ नही लेकिन यह बंदा तेरे लिये रोये ऐसी तेरी ओकात नही 
मै शायर नही बस दिल के अहसासो को शब्दो का रूप दे देता हूँ.. जहाँ दिख गये हसीन चेहरे थोडी बहुत आवारगी कर लेता हूँ 
जिस शहर में तुम्हे मकान कम और शमशान ज्यादा मिले… समझ लेना वहा किसी ने हम से आँख मिलाने की गलती की थी 
हजारो दुआओ में मांग कर भी वो मेरी न हो सकी, एक खुशनसीब ने बिना मांगे उसे अपना बना लिया 
मैं इस काबिल तो नही कि कोई अपना समझे…. पर इतना यकीन है… कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद. 
जिस मोहब्बत में दीवानगी ना हो, वोह मोहब्बत ही नही. 
मैंने पूछा एक पल में जान कैसे निकलती है, उसने चलते चलते मेरा हाथ छोड़ दिया… 
ना कर शक मेरी मोहब्बत पर ऐ पगली… अगर सबूत देने पर आया तो तू बदनाम हो जायेगी 
मुजे उस बात की फिक्र नहीं, जीस में मेरा जीक्र नहीं! 
मेरी फितरत में नहीं है किसी से नाराज होना.. नाराज वो होते हैं जिन को अपने आप पे गुरूर होता है 
मुझे आदत नहीं कहीं बहुत देर तक ठहरने की.. लेकिन जब से तुम मिले हो ये दिल कही और ठहरता नही 
उसने सिर्फ एक बार मुझसे कहा था… तुम प्यार सिर्फ मुझी से करना …. उसके बाद… मैने प्यार की नज़र से खुद को भी नहीं देखा 
मौत एक सच्चाई है उसमे कोई ऐब नहीं क्या लेके जाओगे यारों कफ़न में कोई जेब नही 
हर एक शख्स ने अपने अपने तरीके से इस्तेमाल किया हमें.. और हम समझते रहे लोग हमें पसंद करते हैं 
क्या हसीन इत्तेफाक़ था, तेरी गली में आने का… किसी काम से आये थे, किसी काम के ना रहे 
लौट आती है हर बार इबादत मेरी खाली, न जाने किस ऊँचाई पे मेरा ‘खुदा’ रहता है 
जहर के असरदार होने से कुछ नही होता साहब खुदा भी राजी होना चाहिये मौत देने के लिय. 
दिल से बेहतर तो रावण है साल में एक ही दिन जलता है. 

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